Name: Arushi Age : 25 Years
From – Village – Nagrota Bagwan, Kangra HP
Educational Qualification:
(a) 10th – Green field sr.sec school -10 cgpa
(b) 12th -non medical -92.6%
(c) Graduation -MCM DAV College,Kangra-9.36cgpa
(d) Post graduation -Msc( mathematics)HPU shimla-76.45% (First in department of mathematics in hpu)
e)BEd-82.86%

Final Selection: HP TGT Non Medical 2025-26:

Past Attempts:
a. HP TET -Qualified
b. CTET -QUALIFIED
C.HP TGT NON MEDICAL 2025- SELECTED WITH RANK 2
D.EMRS TGT MAINS -APPEARED
तैयारी करते हुए आपको कितना समय हुआ और आपने अपनी तैयारी कैसे की? क्या आपने स्व-अध्ययन (Self Study) किया, किसी कोचिंग का सहारा लिया, या किसी के मार्गदर्शन के साथ तैयारी की? कृपया अपने अनुभव साझा करें। तैयारी के दौरान क्या कभी ऐसा दौर आया जब आप निराशा, तनाव या चिड़चिड़ेपन से गुज़रे हों? यदि हाँ, तो आपने उससे कैसे बाहर निकलकर खुद को प्रेरित रखा? ऐसे कठिन समय में आपको सबसे अधिक सहारा किससे मिला—परिवार, मित्रों, शिक्षकों या स्वयं के आत्मविश्वास से?
मैंने TGT की तैयारी जुलाई 2025 में शुरू की थी, जब इसकी अधिसूचना (Notification) जारी हुई थी। मैंने इस परीक्षा की तैयारी लगभग 4–5 महीनों तक की। मेरी तैयारी का मुख्य उद्देश्य पाठ्यक्रम को अच्छी तरह समझना और उसी के अनुसार अध्ययन करना था। मैंने प्रत्येक विषय के संक्षिप्त नोट्स (Short Notes) तैयार किए, नियमित रूप से रिवीजन किया और MCQs का अभ्यास किया।
चूँकि पाठ्यक्रम काफी विस्तृत था और परीक्षा CBT (Computer Based Test) आधारित थी, इसलिए मैंने सबसे पहले महत्वपूर्ण और अधिक अंक दिलाने वाले विषयों को प्राथमिकता देकर तैयार किया। इसके साथ ही मैंने पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अध्ययन किया और मॉक टेस्ट भी लगाए, ताकि मेरी गति (Speed) और सटीकता (Accuracy) में सुधार हो सके।
मेरा मानना है कि तैयारी में केवल लंबे समय तक पढ़ना ही महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि निरंतरता (Consistency) और स्मार्ट स्टडी अधिक मायने रखती है।
तैयारी के दौरान कई बार ऐसा भी समय आया जब मैं कम प्रेरित (Less Motivated) और निराश (Depressed) महसूस करती थी। ऐसे कठिन दौर में मेरे दोस्तों ने मेरा बहुत साथ दिया। वे हमेशा मेरा हौसला बढ़ाते थे और मुझे यह विश्वास दिलाते थे कि मैं यह कर सकती हूँ। उनके प्रोत्साहन और समर्थन ने मुझे तैयारी जारी रखने और सकारात्मक बने रहने में बहुत मदद की। यही कारण है कि मैं बिना हार माने अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ती रही। 🌸✨
आपने जो जो किताबे पढ़ी आप उनके बारे में बतायंगे :–
Psychology: Arihant – cdp book
Physics :11,12-SL Arora, Graduation-hpu books ,MCQ-Youth Competition Times(chapter wise solved paper)
Chemistry:11,12 – Ncert , mcq-Youth Competion Times(solved paper)
Mathematics: 11,12-youth competition times-chapterwise solved paper,Graduation – Krishna’s Mathematics for IIT-JAM
Role of online sources: ChatGpt & YouTube- मेरी तैयारी के दौरान ChatGPT ने भी काफी मदद की। किसी भी कठिन टॉपिक या कॉन्सेप्ट को आसान भाषा में समझने, छोटे-छोटे नोट्स बनाने और जल्दी रिवीजन करने में यह बहुत उपयोगी रहा। इसके अलावा, MCQs की practice mein मैंने इसकी सहायता ली
तैयारी के दौरान आपको किन समस्याओं का सामना करना पड़ा? परिवार, आर्थिक स्थिति या अन्य चुनौतियों के बारे में बताइए।
तैयारी के दौरान सबसे बड़ी चुनौती समाज के दबाव (Societal Pressure) को संभालना था। लगभग हर अभ्यर्थी को लोगों के सवालों, अपेक्षाओं और आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है। मेरे अनुसार, खुद की तुलना दूसरों से करने या उनकी बातों से परेशान होने के बजाय हमें केवल उन चीज़ों पर ध्यान देना चाहिए जो हमारे नियंत्रण में हैं— अपनी तैयारी, अनुशासन और रोज़ के प्रयास। जैसा कि कहा जाता है, “जो आपके नियंत्रण में है, उसी पर ध्यान दीजिए।”
तैयारी के दौरान धैर्य और आत्मविश्वास बहुत ज़रूरी होते हैं। दूसरों की बातों की चिंता करने के बजाय अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखें और अपनी मेहनत की प्रक्रिया पर भरोसा रखें।
आपका टाइम मैनेजमेंट कैसा था?
मेरे अनुसार, तैयारी में टाइम मैनेजमेंट से ज़्यादा निरंतरता (Consistency) महत्वपूर्ण होती है। शुरुआत में मैं लगभग 6–7 घंटे पढ़ाई करती थी। यह ज़रूरी नहीं है कि हर दिन एक ही निश्चित समय तक पढ़ाई की जाए, लेकिन रोज़ थोड़ा-बहुत पढ़ना और निरंतरता बनाए रखना बहुत आवश्यक है।
जैसे-जैसे परीक्षा नज़दीक आती गई, मैंने अपने अध्ययन के घंटे बढ़ा दिए और अंतिम दिनों में लगभग 10–12 घंटे तक पढ़ाई की।
क्या यह नौकरी पाना आपका अपना सपना था या परिवार/समाज का दबाव था?
शिक्षण कार्य मुझे हमेशा से बहुत पसंद रहा है। इसलिए शुरू से ही मेरी इच्छा शिक्षण पेशे (Teaching Profession) में जाने की थी। यह मेरा अपना सपना और लक्ष्य था। परिवार ने हमेशा मेरा साथ दिया और मुझे अपने निर्णय स्वयं लेने की स्वतंत्रता दी।
एक लड़की होने के नाते क्या आपको शादी का दबाव महसूस हुआ?
बढ़ती उम्र के साथ अक्सर लड़कियों को शादी या निजी नौकरी करने की सलाह दी जाती है, लेकिन मेरे परिवार ने मुझ पर कभी शादी का दबाव नहीं डाला। मेरे घरवाले हमेशा बहुत सहयोगी रहे। विशेष रूप से मेरी माँ ने मेरा बहुत साथ दिया। वे मुझसे घर के काम भी नहीं करवाती थीं और हमेशा यही कहती थीं, “तुम बस मन लगाकर पढ़ाई करो।” उनके इस सहयोग ने मुझे पूरी एकाग्रता के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने का अवसर दिया।
आप लाइब्रेरी में पढ़ती थीं या घर पर?
मैंने अपने घर के पास ही एक लाइब्रेरी जॉइन कर ली थी। वहाँ का शांत वातावरण और पढ़ाई का माहौल मुझे एकाग्र होकर तैयारी करने में बहुत मदद करता था। इसलिए मैं नियमित रूप से लाइब्रेरी जाकर पढ़ाई करती थी।
“Just for Study” से आपको कितनी मदद मिली?
Just For Study की वेबसाइट, WhatsApp एवं Telegram ग्रुप तथा YouTube चैनल के माध्यम से विभिन्न परीक्षाओं से संबंधित सूचनाएँ, नोटिफिकेशन, सिलेबस, अध्ययन सामग्री और तैयारी से जुड़े मार्गदर्शन प्राप्त करता हूँ। इन प्लेटफॉर्म्स ने मुझे समय पर सही जानकारी उपलब्ध कराने और अपनी तैयारी को व्यवस्थित रखने में काफी सहायता की।
HPRCA ने CBT आधारित परीक्षा आयोजित की थी और सिलेबस भी नया था। इस बारे में अपना अनुभव बताइए। साथ ही अभ्यर्थियों को किस प्रकार तैयारी करनी चाहिए?
HPRCA द्वारा आयोजित यह पहला CBT (Computer Based Test) था और हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि नया सिलेबस परीक्षा से लगभग दो महीने पहले जारी हुआ था। सिलेबस काफी विस्तृत था और उसमें कई विषय स्नातक (Graduation) स्तर के भी शामिल थे।
इतने कम समय में मैंने केवल सिलेबस के अनुसार लक्षित तैयारी की। जिन विषयों और टॉपिक्स का उल्लेख सिलेबस में था, उनके नोट्स बनाए और उनसे संबंधित MCQs का नियमित अभ्यास किया। मैंने सबसे पहले आसान और अधिक अंक दिलाने वाले (Scoring) टॉपिक्स तैयार किए, ताकि कम समय में अधिक से अधिक सिलेबस को कवर किया जा सके।
जो विषय बहुत बड़े और अधिक समय लेने वाले थे, उन्हें मैंने बाद के लिए छोड़ने का निर्णय लिया, क्योंकि सीमित समय में हर चीज़ को पूरी तरह पढ़ पाना संभव नहीं था।
मेरे अनुसार, CBT परीक्षा में केवल विषय-ज्ञान ही नहीं, बल्कि गति (Speed) और सटीकता (Accuracy) भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। इसलिए अभ्यर्थियों को अधिक से अधिक MCQs और मॉक टेस्ट लगाने चाहिए, ताकि वे परीक्षा के पैटर्न से परिचित हो सकें और समय प्रबंधन बेहतर कर सकें।
सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए आपका क्या संदेश रहेगा? उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं?
मैं बस इतना कहना चाहूँगी कि—
“विश्वास रखिए कि आप यह कर सकते हैं, क्योंकि आधी जीत तो उसी दिन हो जाती है जब आप स्वयं पर विश्वास करना शुरू कर देते हैं।”
तैयारी के दौरान खुद की तुलना किसी और से कभी न करें। हर व्यक्ति की परिस्थितियाँ, संघर्ष और सफलता की यात्रा अलग होती है। दूसरों की उपलब्धियों को देखकर निराश होने के बजाय अपने लक्ष्य और अपनी प्रगति पर ध्यान दें।
निरंतर मेहनत, धैर्य और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते रहिए। यदि आप ईमानदारी से मेहनत करेंगे, तो जीवन में कुछ न कुछ अच्छा अवश्य हासिल करेंगे।
“मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती। परिणाम देर से मिल सकते हैं, लेकिन मिलते ज़रूर हैं।”
इसलिए खुद पर भरोसा रखिए, पूरी लगन से प्रयास कीजिए और अपने सपनों को साकार करने के लिए लगातार आगे बढ़ते रहिए। 🌸✨
🎖️ Arushi — A Journey of Consistency, Courage & Self-Belief!
कई बार सफलता केवल कठिन मेहनत का नहीं, बल्कि सही दिशा में लगातार किए गए प्रयासों का परिणाम होती है…
कभी सिलेबस बदल जाता है,
कभी समय कम पड़ जाता है,
तो कभी खुद को प्रेरित बनाए रखना सबसे बड़ी परीक्षा बन जाता है।
लेकिन जो व्यक्ति परिस्थितियों से घबराने के बजाय उनसे सीखना चुनता है,
जो हर चुनौती के बीच अपने लक्ष्य पर नज़र बनाए रखता है,
और जो हर दिन थोड़ा-थोड़ा आगे बढ़ने का साहस रखता है,
वह एक दिन अपनी मंज़िल तक ज़रूर पहुँचता है। ✨
💝 दोस्त बने सबसे बड़ी ताकत
तैयारी के दौरान कई बार ऐसा दौर भी आया जब वह खुद को कम प्रेरित और निराश महसूस करती थीं। ऐसे समय में उनके दोस्तों ने उनका भरपूर साथ दिया। उन्होंने हर कठिन पल में उनका हौसला बढ़ाया, उन पर विश्वास जताया और उन्हें यह एहसास दिलाया कि वह यह कर सकती हैं। यही साथ और प्रोत्साहन उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहा।
📚 “Just For Study” से मिला सहयोग
• विभिन्न हिमाचल प्रदेश की परीक्षाओं के Previous Year Questions (PYQs) का अभ्यास करने का अवसर मिला।
• परीक्षा के पैटर्न और प्रश्नों की प्रकृति को समझने में मदद मिली।
• महत्वपूर्ण अपडेट और सूचनाएँ समय पर प्राप्त होती रहीं।
• अलग-अलग वेबसाइट्स पर जानकारी खोजने की आवश्यकता नहीं पड़ी।
• विश्वसनीय और प्रमाणिक जानकारी मिलने से तैयारी के दौरान आत्मविश्वास बना रहा।
याद रखिए —
तैयारी में केवल घंटों की गिनती महत्वपूर्ण नहीं होती, बल्कि निरंतरता, धैर्य और स्वयं पर विश्वास ही सफलता की असली कुंजी होते हैं। ✨
🔥 “खुद को किसी और से तुलना मत कीजिए, क्योंकि हर किसी की यात्रा अलग होती है। अपने सपनों पर भरोसा रखिए, पूरी ईमानदारी से मेहनत कीजिए और प्रक्रिया पर विश्वास बनाए रखिए… सफलता देर से सही, लेकिन आपके दरवाज़े तक ज़रूर पहुँचेगी।”
— Team Just For Study
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